MCQ of Introduction of Managerial Economics

MCQ of Introduction of Managerial Economics

MCQ of Introduction of Managerial Economics

MCQ of Introduction of Managerial Economics:- In this post, we have provided MCQs (Multiple Choice Questions) for MCom 2nd Year Managerial Economics for you, each MCQ has their answers below so that it is very easy for you to read it. Do share this post with your friends. 100 questions are available in this post. MCQ Introduction Managerial Economics

Introduction of Managerial Economics

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र परम्परागत अर्थशास्त्र की एक……….. है।

(a) शाखा

(b) व्यावहारिक शाखा ()

(c) आर्थिक शाखा

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. व्यावसायिक अर्थशास्त्र सिद्धान्त और व्यवहार दोनों में फर्मों के आचरण का अध्ययन है। यह परिभाषा दी है –

(a) स्पेन्सर और सैलिगमैन

(b) जोइलडीन

(c) हैन्स, माटे और पाल

(d) इनमें से कोई ()

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र वर्णनात्मक (descriptive) के स्थान पर एक निर्देशात्मक (prescriptive) प्रकृति का है। यह कथन है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. ‘कला किसी दिए गए लक्ष्य की पूर्ति के लिए नियमों की एक प्रणाली है।” यह परिभाषा है –

(a) प्रो०कीन्स की ()

(b) प्रो० मार्शल की

(c) डब्ल्यूडब्ल्यू० हेन्स की

(d) हैग की।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का क्षेत्र है –

(a) असीमित

(b) सीमित। ()

(c) संकीर्ण

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में केवल फर्म की समस्याओं की ही विवेचना की जाती है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्री को जाना जाता है –

(a) आर्थिक सलाहकार

(b) व्यावसायिक अर्थशास्त्री

(c) पेशेवर व्यक्ति

(d) ये सभी। ()

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्री के महत्त्वपूर्ण विशिष्ट कार्य हैं –

(a) विक्रय पूर्वानुमान लगाना

(b) औद्योगिक बाजार शोध

(c) पूँजीगत परियोजना में बनाना

(d) ये सभी। ()

  1. ‘लाभ प्रतिबन्धिता अधिकतम विक्रय’ विचारधारा है –

(a) मार्शल की

(b) बॉमोल की ()

(c) ऐलन की

(d) इनमें से कोई नहीं

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्री के समाज व राष्ट्र के प्रति कर्त्तव्य होते हैं –

(a) काला बाजारी रोकने में सरकार की सहायता करना

(b) प्रेरणात्मक मजदूरी पद्धतियों को लागू करने में सहायता करना

(c) करों की चोरी रोकने में सरकार की सहायता करना

(d) उपर्युक्त सभी ()

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र को फर्म का अर्थशास्त्र भी कहते हैं –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) ये सभी।

  1. किसी निर्णय के कारण विकल्पों का त्याग करना कहलाता है –

(a) सीमान्त लागत

(b) अवसर लागत ()

(c) वास्तविक लागत

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. एक फर्म के लाभ अधिकतम किस बिन्दु पर होते हैं –

(a) MR> MO

(b) MR<MC

(c) MR = MC ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. परिचालन कुशलता की विश्वसनीय माप को माना जाता है –

(a) लाभ ()

(b) निर्यात

(c) टर्नओवर

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. कौन-सी फर्म कोषों की तरलता को लाभों से भी अधिक महत्त्व देती है –

(a) सीमेण्ट उद्योग से सम्बन्धित फर्म

(b) बैंकिंग फर्म ()

(c) साझेदारी फर्म

(d) जन सेवाएँ फर्म|

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में सम्मिलित है –

(a) रेखीय कार्यक्रम

(b) सामग्री प्रतिरूप

(c) खेल सिद्धान्त

(d) ये सभी। ()

  1. “प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र, व्यावसायिक परिस्थितियों का विश्लेषण करने के लिए, अर्थशास्त्र की सैद्धान्तिक विधि का प्रयोग है।” यह परिभाषा है –

(a) जोयलडीन की

(b) मैकनायर तथा मेरीयाम की ()

(c) डब्ल्यू० डब्ल्यू० हेन्स की

(d) प्रो० कीन्स की।

  1. “प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र फर्मों के सिद्धान्त एवं व्यवहार के बर्ताव का अध्ययन है।” यह परिभाषा है –

(a) बेट्स एवं पार्किसन की ()

(b) जोजफ एल० मैसी की

(c) प्रो० दफ्ती की

(d) स्पेन्सर व सीजलमैन की।

  1. उच्च स्तरीय प्रबन्ध को आर्थिक मामलों में तकनीकी परामर्श देने का कार्य है –

(a) प्रबन्धक का

(b) वित्त प्रबन्धक का

(c) प्रबन्धकीय अर्थशास्त्री का ()

(d) इन सभी का

  1. अग्रिम नियोजन का कार्य किया जाता है –

(a) स्वामी द्वारा

(b) प्रबन्धकों द्वारा ()

(c) वित्त प्रबन्धक द्वारा

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में केवल आर्थिक पहलू पर ही बल दिया जाता है। यह कथन है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) इसमें से कोई नही|

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र की प्रकृति है –

(a) कला

(b) विज्ञानं

(c) कला व विज्ञान दोनों ()

(d) इनमें से कोई नही|

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्री का कार्य होता है –

(a) अल्पकालीन नियोजन करना

(b) दीर्घकालीन नियोजन करना

(c) अल्पकालीन व दीर्घकालीन दोनों नियोजन करना ()

(d) उपर्युक्त सभी

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का सम्बन्ध है –

(a) गणित से

(b) सांख्यिकी से

(c) अर्थशास्त्र से

(d) इन सभी से। ()

  1. पूँजी बाजार का अध्ययन किया जाता है –

(a) मूल्य निर्धारण नीति द्वारा

(b) सरकारी नीतियों द्वारा

(c) व्यावसायिक वातावरण द्वारा ()

(d) लागत-उत्पाद निर्णय द्वारा।

MCQ Introduction Managerial Economics

  1. बाजार संरचना का अध्ययन किया जाता है –

(a) मूल्य निर्धारण निर्णय में ()

(b) उत्पाद नियोजन में

(c) विनियोग निर्णय में

(d) इनमें से कोई नही|

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र है –

(a) व्यापक अर्थशास्त्र

(b) स्म्पष्टि अर्थशास्त्र ()

(c) व्यावहारिक अर्थशास्त्र

(d) ये सभी|

  1. व्यावसायिक फर्म वह है जो अपना उत्पाद –

(a) न लाभ न हानि पर विक्रय करे

(b) हानि पर विक्रय करे

(c) लाभ पर विक्रय करे ()

(d) सेवा के रूप में वितरित करे|

  1. अवसर लागत का आधार होता है –

(a) लाभ का माप

(b) हानि का माप

(c) त्याग का माप ()

(d) इनमें से कोई नही|

  1. वृद्धिशील सिद्धान्त के अन्तर्गत अध्ययन किया जाता है –

(a) केवल वृद्धिशील लागत का

(b) वृद्धिशील लागत एवं आगम का ()

(c) केवल वृद्धिशील आगम का

(d) इन सभी का|

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्री का उत्तरदायित्व होता है –

(a) फर्म की लाभार्जन क्षमता में वृद्धि के उपाय खोजना

(b) आर्थिक सूचना के स्रोतों का ज्ञान तथा विशेषज्ञों से सम्पर्क बनाना

(c) सफल पूर्वानुमान लगाना

(d) उपर्युक्त सभी। ()

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का जन्म ही परम्परागत अर्थशास्त्र के गर्भ से हुआ|

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. व्यावसायिक फर्म की विशेषताएँ कहलाती हैं –

(a) लाभ

(b) विवेक

(c) उत्पत्ति मूल्य निर्णय

(d) ये सभी। ()

  1. लाभ अधिकतमीकरण की कल्पना पर कौन-सा सिद्धान्त आधारित है –

(a) आर्थिक सिद्धान्त

(b) फर्म का सिद्धान्त ()

(c) सम-सीमान्त सिद्धान्त

(d) वृद्धिशील का सिद्धान्त

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र के प्रमुख सिद्धान्त हैं –

(a) अवसर लागत सिद्धान्त

(b) वृद्धिशील सिद्धान्त

(c) अवमूल्यन सिद्धान्त

(d) ये सभी। ()

  1. एक्स-कार्यक्षमता सिद्धान्त को विकसित किया गया था –

(a) लीबेन्स्टीन द्वारा ()

(b) विलियमसन द्वारा

(c) पीगू द्वारा

(d) प्रो० कीन्स द्वारा।

  1. “प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र प्रबन्धकीय व्यवहारों के साथ एकीकरण है। जिससे प्रबन्ध को निर्णय लेने तथा भावी नियोजन में सुविधा होती है। यह परिभाषा दी है –

(a) हैन्स, मोट एवं पाल ने

(b) मैम्नायर एवं मोरियम ने

(c) स्पेन्सर एवं सीगलमैन ने ()

(d) नारेमन एफ० दफ्ती ने।

  1. M form Hypothesis सिद्धान्त का प्रतिपादन किया गया था –

(a) क्रू द्वारा

(b) लीबेन्स्टीन द्वारा

(c) विलियमसन द्वारा

() (d) इन सभी के द्वारा।

  1. पूँजीवाद में फर्म की सफलता का एकमात्र मापदण्ड लाभ होता है। यह कथन है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. समाजवाद में फर्म का उत्तरदायित्व कल्याण सम्बन्धी होता है। यह कथन है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नही|

  1. अर्थशास्त्र का नियम है –

(a) उत्पाद

(b) घटते प्रतिफल के नियम ()

(c) बाजार

(d) अवस्था|

  1. पूँजीगत निर्णयन लिए जाते हैं –

(a) व्यावसायिक अर्थशास्त्र में ()

(b) साधन में

(c) व्यावहारिक अर्थशास्त्र में

(d) मशीन क्रय करने में।

  1. निम्नलिखित विद्वानों में से किस विद्वान का सम्बन्ध अर्थशास्त्र से है –

(a) मार्शल ()

(b) टेलर

(c) मैकार्थी

(d) मास्लो|

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का स्वभाव है –

(a) निर्देशात्मक ()

(b) चयनात्मक

(c) वर्णनात्मक

(d) ये सभी।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र की विषय-वस्तु होती है –

(a) व्यावसायिक फर्म ()

(b) साझेदारी

(c) व्यावसायिक प्रतिष्ठान

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. अर्थशास्त्र के किस सिद्धान्त के अनुसार आज का एक रुपया आने वाले कल से अधिक मूल्यवान है –

(a) लोच का सिद्धान्त

(b) वृद्धिशील सिद्धान्त

(c) अवमूल्यन सिद्धान्त ()

(d) अवसर लागत सिद्धान्त।

  1. विवेकपूर्ण क्रियाएँ फर्म की आधारशिला है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. पूँजीवादी अर्थव्यवस्था में फर्म की सफलता का एकमात्र मापदण्ड होता है –

(a) उत्पादन में वृद्धि

(b) अधिक लाभ कमाना ()

(c) विक्रय में वृद्धि

(d) ये सभी।

  1. विक्रय सर्वाधिकरण सिद्धान्त का प्रतिपादन किया था –

(a) विलियमसन ने

(b) बॉमोल ने ()

(c) लीबेन्सटीन ने

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्री का उत्तरदायित्व होता है –

(a) निर्धारित उद्देश्यों को प्राप्त करने हेतु संसाधन जुटाना

(b) आर्थिक सूचना के स्रोतों तथा विशेषज्ञों से चर्चा करना

(c) विनियोजित पूँजी पर लाभ-दर बनाए रखना

MCQ Introduction Managerial Economics

(d) उपर्युक्त सभी। ()

  1. किसी आदान (Input) का वितरण इस प्रकार करना कि सभी स्थितियों में अन्तिम इकाई द्वारा बढ़ा हुआ मूल्य समान हो। इस सामान्य नियम को कहते हैं –

(a) सम-सीमान्त सिद्धान्त ()

(b) वृद्धिशील सिद्धान्त

(c) अवसर लागत सिद्धान्त

(d) अवमूल्यन सिद्धान्त।

  1. वस्तु मूल्य निर्धारण में जिस बिन्दु (मूल्य) पर माँग और पूर्ति की परस्पर विरोधी शक्तियाँ एक-दूसरे के बराबर हो जाती हैं उसे हम कहते हैं –

(a) अनुमानित मूल्य

(b) साम्य मूल्य ()

(c) लागत मूल्य

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. व्यावसायिक निर्णयों में अनुकूलतम की स्थिति ज्ञात करने के लिए इस सिद्धान्त को प्रयोग में लाया जाता है –

(a) तटस्थता का सिद्धान्त

(b) लोच का सिद्धान्त ()

(c) अवमूल्यन का सिद्धान्त

(d) अवसर लागत सिद्धान्त।

  1. “प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र निर्णय लेने की क्रिया में प्रबन्धक द्वारा आर्थिक सिद्धान्त का व्यवहार है।” यह परिभाषा हैं –

(a) जोजफ एल० मैसी ()

(b) प्रो० दफ्ती

(c) स्पेन्सर व सीजलमैन

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. “प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र फर्मों का सिद्धान्त एवं व्यवहार के बर्ताव का अध्ययन है।” यह परिभाषा है –

(a) प्रो० दफ्ती की

(b) जोजफ एल० मैसी की

(c) बेट्स एवं पार्किसन की ()

(d) इनमें से किसी की नहीं।

  1. “प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र विभिन्न आर्थिक सिद्धान्तवादियों को कोरी विश्लेषणात्मक समस्याओं तथा प्रबन्ध के सामने आने वाली नीति की समस्याओं के बीच जो खाई होती है उसको पाटता है।” यह परिभाषा दी है –

(a) एडविन मैन्सफील्ड ने ()

(b) जोजफ एल० मैसी ने

(c) प्रो० दफ्ती ने

(d) हायन्स, मोटे व पाल ने।

  1. “प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र परम्परागत अर्थशास्त्र का व्यावहारिक पहलू होता है।” यह कथन है –

(a) असल्य

(b) सन्दिग्ध

(c) सत्य ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र के क्षेत्र में सम्मिलित है –

(a) लाभ प्रबन्ध

(b) पूँजी प्रबन्ध

(c) लागत तथा उत्पादन विश्लेषण

(d) ये सभी। ()

  1. “कला हमें निर्देशित करती है, काम करना सिखाती है अथवा नियम प्रस्तावित करती है।” यह परिभाषा दी है –

(a) जे०एम०कीन्स ने

(b) प्रो०ल्यूडगी कोसा ने ()

(c) एडविन मैन्सफील्ड ने

(d) जोजफ एल०मैसी ने।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र आधारित है –

(a) व्यष्टि अर्थशास्त्र पर

(b) समष्टि अर्थशास्त्र पर

(c) (a) व (b) दोनों ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र में सांख्यिकी के कौन-से सिद्धान्त सम्मिलित हैं –

(a) सम्भाव्यता सिद्धान्त

(b) सहसम्बन्ध सिद्धान्त

(c) महांक जड़ता नियम

(d) ये सभी। ()

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का लेखाशास्त्र के साथ बहुत ही व्यापक सम्बन्ध है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. फर्म के लिए वित्त व्यवस्था सम्बन्धी कार्य किया जाता है –

(a) एकाउण्टेन्ट द्वारा

(b) वित्त अधिकारी द्वारा

(c) प्रबन्धकीय अर्थशास्त्री द्वारा ()

(d) ये सभी ।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का प्रमुख कार्य होता है –

(a) निर्णय निर्माण करना

(b) अग्रिम नियोजन करना

(c) (a) व (b) दोनों ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. किसी कपड़ा मिल में पुरानी हस्तचालित मशीनों के स्थान पर आधुनिक स्वचालित मशीनों की स्थापना है –

(a) समय आधार का सिद्धान्त

(b) वृद्धिशील लागत का सिद्धान्त ()

(c) कटौती का सिद्धान्त

(d) सम-सीमान्त सिद्धान्त।

  1. वर्तमान क्षमता तक अतिरिक्त लागत में वृद्धि कहलाती है –

(a) अल्पकालीन लागत ()

(b) दीर्घकालीन लागत

(c) स्थिर लागत

(d) परिवर्तनशील लागत।

  1. उत्पादन की प्रत्येक इकाई से समान मूल्य प्राप्त हो वह सिद्धान्त कहलाता है –

(a) वृद्धिशील लागत का सिद्धान्त

(b) कटौती का सिद्धान्त

(c) सम-सीमान्त सिद्धान्त के ()

(d) समय आधार का सिद्धान्त।

  1. X सिद्धान्त (फर्म का) का प्रतिपादन किया गया था –

(a) विलियमसन द्वारा

(b) क्रू द्वारा ()

(c) पीगू द्वारा

(d) हिक्स द्वारा।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र की प्रकृति निर्देशात्मक होती है, न कि व्यापक अर्थशास्त्र की भाँति वर्णनात्मक। यह कथन है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्देहात्मक

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।

  1. विक्रय सर्वाधिकरण सिद्धान्त (Sales Maximisation Theory) का प्रतिपादन किया था

(a) विलियमसन ने

(b) बॉमोल ने ()

(c) लीबेन्स्टीन ने

(d) पीगू ने।

  1. पूँजी प्रबन्ध में विषय का अध्ययन आवश्यक है।

(a) पूँजी की लागत

(b) परियोजनाओं का चयन

(c) प्रतिफल दर

(d) ये सभी। ()

  1. मूल्य निर्धारण में प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र द्वारा विषय का अध्ययन किया जाता है।

(a) मूल्य पद्धति

(b) विभेदात्मक मूल्य

(c) मूल्य नीतियाँ

(d) ये सभी। ()

  1. माँग विश्लेषण में अध्ययन किया जाता है –

(a) माँग की लोच का

(b) माँग विभेद का

(c) माँग पूर्वानुमान का

(d) इन सभी का। ()

  1. अग्रिम नियोजन में प्रबन्धक द्वारा नियोजन किया जाता है –

(a) मजदूरी

(b) मूल्य

(c) सामग्री की पूर्ति

(d) ये सभी। ()

  1. अवमूल्यन सिद्धान्त में आज का कितना रुपया एक वर्ष बाद 100 रुपया हो जाएगा: ज्ञात करने का सूत्र है –

(a) V = ₹100 / 1+ i ()

(b) V = 1 + i / ₹100

(c) V = ₹100 /1+ T

(d) इनमें से कोई नहीं।

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  1. फर्म का सिद्धान्त नियमों का समूह है जिसमें –

(a) केवल मान्यताएँ होती हैं

(b) केवल स्वयं सिद्धियाँ होती हैं

(c) केवल निष्कर्ष होते हैं।

(d) ये सभी होते हैं। ()

  1. अल्पकालीन व दीर्घकालीन निर्णयों में सामंजस्य बनाए रखने में किस सिद्धान्त का पालन किया जाता है –

(a) समय सन्दर्भ का सिद्धान्त ()

(b) अवमूल्यन सिद्धान्त

(c) वृद्धिशील सिद्धान्त

(d) अवसर लागत सिद्धान्त।

  1. आर्थिक सिद्धान्तों के समूह को….. भी कहते हैं ।

(a) फर्म का सिद्धान्त ()

(b) प्रबन्धकीय सिद्धान्त

(c) अर्थशास्त्र का सिद्धान्त

(d) मौद्रिक घटनाओं का सिद्धान्त।

  1. प्रबन्धकीय सिद्धान्त केवल मौद्रिक घटनाओं का ही अध्ययन करता है –

(a) सत्य

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र विज्ञान होता है।

(a) केवल आदर्श

(b) केवल वास्तविक

(c) आदर्श एवं वास्तविक दोनों ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का अभिप्राय यह दिखाना है कि किस तरह से आर्थिक विश्लेषण का उपयोग व्यावसायिक नीति निर्धारण में किया जाता है। यह परिभाषा है

(a) जोयलडीन की ()

(b) मैकनायर तथा मेरीयाम की

(c) पीगू की

(d) सैम्युलसन की।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र को अन्य किस नाम से भी जाना जाता है –

(a) प्रतिष्ठान का अर्थशास्त्र

(b) व्यावसायिक प्रबन्ध का अर्थशास्त्र

(c) व्यावसायिक अर्थशास्त्र

(d) ये सभी। ()

  1. छोटे पैमाने पर उत्पादित माल है –

(a) अपेक्षाकृत अयोग्य आपूर्ति ()

(b) अत्यधिक लोचदार आपूर्ति

(c) पूर्ण लोचदार आपूर्ति

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. कच्चे माल की कीमत, आपूर्ति की वजह से उत्पादन की लागत बढ़ने पर हो जाती है –

(a) कम ()

(b) अधिक

(c) स्थिर

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. खातों की पुस्तकों में दर्ज लागत को माना जाता है –

(a) कुल लागत

(b) सीमान्त लागत

(c) औसत लागत

(d) स्पष्ट लागत। ()

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र आमतौर पर व्यापार के साथ आर्थिक सिद्धान्त के एकीकरण को संदर्भित करता है –

(a) आचार-विचार

(b) प्रबन्ध

(c) अभ्यास ()

(d) उपरोक्त सभी।

  1. माँग से निर्धारित होता है –

(a) उत्पाद की कीमत

(b) अन्य वस्तुओं के सापेक्ष मूल्य

(c) स्वाद और आदतें

(d) उपरोक्त सभी। ()

  1. जब किसी फर्म का औसत राजस्व उसकी औसत लागत के बराबर होता है, तो उसे मिलता है।

(a) सामान्य लाभ ()

(b) विशेष लाभ

(c) अधिक लाभ

(d) सुपर लाभ।

  1. अन्य चीजों के समान होने पर आपूर्ति में वृद्धि हो सकती है –

(a) उपभोक्ता की आय में वृद्धि होने पर

(b) उत्पादन की तकनीकों में सुधार होने पर ()

(c) कमोडिटी की कीमत में वृद्धि होने पर

(d) विक्रेता की आय में वृद्धि होने पर।

  1. प्रबन्धन के निर्णय की समस्याओं में तीन तत्व शामिल हैं। निम्नलिखित में से कौन-सा उनमें से एक नहीं है –

(a) वैकल्पिक

(b) प्रतिबन्ध

(c) उद्देश्यों

(d) लाभ प्रदता। ()

  1. आर्थिक सिद्धान्त के निम्नलिखित क्षेत्रों में से कौन-सा प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का सबसे महत्वपूर्ण तत्त्व है –

(a) गणितीय अर्थशास्त्र

(b) व्यापार अर्थशास्त्र

(c) व्यष्टि अर्थशास्त्र ()

(d) अर्थमिति।

  1. फर्म का आधुनिक सिद्धान्त मानता है कि फर्म एक तरह के व्यवहार करती है जिसे अधिकतम करने के लिए डिजाइन किया गया है –

(a) फर्म का मूल्य ()

(b) एकाधिकार शक्ति

(c) कुल राजस्व

(d) इनमें में से कोई नहीं।

  1. उत्पादन के किसी भी साधन की उपलब्ध इकाइयों का विभिन्न गतिविधियों में इस प्रकार आवण्टन किया जाना चाहिए ताकि गतिविधि से उत्पादित इकाई में सामान लाभ पाया जाए, यह सिद्धान्त कहलाता है –

(a) कटौती का सिद्धान्त

(b) सम-सीमान्त सिद्धान्त ()

(c) वृद्धिशील लागत का सिद्धान्त

(d) अवसर लागत का सिध्दान्त|

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र अनिश्चित दशाओं में निर्णय में सहायक होता है। यह कथन है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्देहात्मक

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।

  1. प्रबन्धकीय निर्णय को प्रभावित करने वाले ऐसे कारक, जो प्रबन्धकों के नियन्त्रण में होते है, कहलाते हैं –

(a) ब्राह्म कारक

(b) आन्तरिक कारक ()

(c) (a) और (b) दोनों

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्री के उत्तरदायित्व होते हैं –

(a) फर्म की लाभार्जन क्षमता में वृद्धि के उपाय खोजना

(b) सफल पूर्वानुमान लगाना

(c) फर्म में अपना सम्मानजनक स्थान बनाना

(d) उपरोक्त सभी। ()

  1. प्रबन्धकीय अर्थव्यवस्था में किस सिद्धान्त द्वारा पूँजीगत निर्णयों से सम्बन्धित समस्याओं के निराकरण में सहायता मिलती है –

(a) आर्थिक सिद्धान्त ()

(b) प्रबन्धकीय सिद्धान्त

(c) सम-सीमान्त सिद्धान्त

(d) अवसर लागत सिद्धान्त।

  1. किसी निर्णय से प्राप्त कुल आगम में परिवर्तन की राशि को कहते हैं –

(a) अवसर लागत

(b) वृद्धिशील लाभ

(c) वृद्धिशील आगम ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. निम्नलिखित में से किसे समग्र अर्थव्यवस्था के अध्ययन के रूप में परिभाषित किया गया है –

(a) मैको इकॉनामिक्स ()

(b) मॉइरों इकॉनामिक्स

(c) प्रबन्धकीय अर्थव्यवस्था

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।

  1. प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का यह सिद्धान्त इस बात पर अधिक बल देता है कि प्राप्त होने वाले भुगतान में समय की कटौती इसके मूल्य को बढ़ाती है –

(a) सम-सीमान्त सिद्धान्त

(b) कटौती का सिद्धान्त ()

(c) अवसर लागत सिद्धान्त

(d) वृद्धिशील लागत का सिद्धान्त

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