MCQ of Demand and the Firm Managerial Economics

MCQ of Demand and the Firm Managerial Economics

MCQ of Demand and the Firm Managerial Economics

MCQ of Demand and the Firm Managerial Economics:- In this post, we have provided MCQs (Multiple Choice Questions) for MCom 2nd Year Managerial Economics for you, each MCQ has their answers below so that it is very easy for you to read it. Do share this post with your friends. 100 questions are available in this post. MCQ Demand the Firm

Demand and the Firm Managerial Economics

  1. माँग विश्लेषण प्रबन्धकीय अर्थशास्त्र का सबसे महत्त्वपूर्ण पहलू है, यह कथन होगा –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. ” किसी वस्तु की माँग उन वस्तुओं की मात्राओं की सारणी होती है जिन्हें क्रेता विशेष पर सभी सम्भव मूल्यों पर खरीदने के लिए तैयार रहता है।” यह परिभाषा दी गई है –

(a) प्रो० जे०एस० मिल द्वारा

(b) प्रो० मेयर्स द्वारा ()

(c) प्रो० मार्शल द्वारा

(d) प्रो० पीगू द्वारा।

  1. “अर्थशास्त्र में केवल प्रभावपूर्ण इच्छा को ही माँग कहते हैं।” यह परिभाषा दी है –

(a) प्रो० बेनहम ने

(b) प्रो० पेन्सन ने ()

(c) प्रो० मेयर्स ने

(d) प्रो० पीगू ने।

  1. माँग हमेशा किसी भी मूल्य से सम्बद्ध होती है। यह कथन है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नहीं।।

  1. माँग तालिका होती है –

(a) दो प्रकार की

(b) तीन प्रकार की ()

(c) चार प्रकार की

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. माँग विश्लेषण का प्रथम महत्त्वपूर्ण उद्देश्य होता है –

(a) माँग में वृद्धि करना

(b) साधनों की उचित बँटवारा

(c) माँग पूर्वानुमान ()

(d) ये सभी|

  1. निकृष्ट या हीन वस्तुएँ हैं –

(a) जौ

(b) वनस्पति घी

(c) बाजरा

(d) ये सभी| ()

  1. श्रेष्ठ वस्तुएँ कहलाती हैं –

(a) मोटरकार

(b) टेलीविजन

(c) कम्प्यूटर

(d) ये सभी। ()

  1. जब किसी वस्तु की माँग पर किसी अन्य सम्बन्धित वस्तु की कीमत में परिवर्तन का प्रभाव पड़ता है वह कहलाती है –

(a) संयुक्त माँग

(b) तिरछी या आड़ी माँग ()

(c) सामूहिक माँग

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रतिस्थापन अथवा स्थानापन्न वस्तुएँ होती हैं –

(a) कॉफी के स्थान पर चाय का प्रयोग

(b) पेट्रोल के स्थान पर सीएनजी का प्रयोग

(c) देशी घी के स्थान पर वनस्पति घी का प्रयोग

(d) उपर्युक्त सभी। ()

  1. माँग तालिका दर्शाती है –

(a) केवल वस्तु की माँग

(b) माँग विभिन्न मूल्यों पर

(c) केवल वस्तु की माँग एक दिए हुए समय अन्तराल पर

(d) उपर्युक्त सभी। ()

  1. आश्रित माँग स्वतन्त्र माँग से होती है –

(a) कम लोच वाली ()

(b) अधिक लोच वाली

(c) समान लोच वाली

(d) बेलोच वाली।

  1. बाजार माँग वक्र होता है –

(a) व्यक्तिगत माँग वक्र से नीचे

(b) व्यक्तिगत माँग वक्र से ऊपर ()

(c) व्यक्तिगत माँग वक्र के बराबर

(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।

  1. एक माँग वक्र बाएँ से दाएँ ऊपर की तरफ बढ़ सकता है –

(a) प्रदर्शन में

(b) निकृष्ट वस्तु की दशा

(c) परिकल्पना में

(d) इन सभी में। ()

  1. माँग वक्र का ढाल होता है –

(a) बाएँ से दाएँ ()

(b) दाएँ से बाएँ

(c) समान्तर

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. “किसी वस्तु की कीमत में एक प्रतिशत परिवर्तन होने से वस्तु की माँग में जो परिवर्तन होता है, उसे माँग की लोच कहते हैं।” यह परिभाषा किसने दी –

(a) प्रो० बोल्डिंग ने ()

(b) प्रो० सैम्युलसन ने

(c) प्रो० बेनहम ने

(d) प्रो० मार्शल ने।

  1. जिन वस्तुओं की कीमत ऊँची होती है उनकी माँग होती है –

(a) बेलोचदार

(b) सामान्य

(c) लोचदार ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. अनिवार्य आवश्यकताओं की पूर्ति करने वाली वस्तुओं की माँग होती है –

(a) लोचदार

(b) बेलोचदार ()

(c) सामान्य

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. जब किसी वस्तु की माँग में आनुपातिक परिवर्तन उस वस्तु की कीमत के आनुपातिक परिवर्तन से कम होता है तो ऐसी दशा में होती है –

(a) लोचदार माँग

(b) पूर्णतया लोचदार माँग

(c) बेलोचदार माँग ()

(d) पूर्णतया बेलोचदार माँग

  1. एक माँग वक्र के विभिन्न बिन्दुओं पर माँग की लोच –

(a) भिन्न-भिन्न होती है ()

(b) समान होती है।

(c) उसकी ढाल के अनुसार होती है|

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. माँग की लोच की सीमाएँ कौन-सी हैं –

(a) 1 से ∞

(b) 0 से ()

(c) – ∞ से + ∞

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. किसी वस्तु की माँग बेलोचदार होती है, क्योंकि –

(a) उस वस्तु के उपभोग को भविष्य के लिए टाला जा सकता है

(b) उस वस्तु का उपभोग करने की व्यक्ति को आदत पड़ जाती है| ()

(c) उस वस्तु का उपभोग विभिन्न कार्यों में किया जा सकता है

(d) उस वस्तु पर आय का बहुत बड़ा भाग व्यय किया जाता है।

  1. “मूल्य में परिवर्तन के कारण माँग की मात्रा में होने वाले परिवर्तन की माप माँग की लोच कहलाती है।” यह परिभाषा है –

(a) प्रो० बोल्डिंग की

(b) प्रो० कैरनक्रास की

(c) प्रो० ईस्थम की ()

(d) प्रो० मार्शल की।

  1. संयुक्त माँग कहलाती है –

(a) स्कूटर के साथ पेट्रोल की माँग

(b) डबल रोटी के साथ मक्खन की माँग

(c) टेलीविजन के साथ केबिल की माँग

(d) ये सभी। ()

  1. माँग की आड़ी लोच का सूत्र क्या है –

(a) [X वस्तु की माँग में आनुपातिक परिवर्तन / Y वस्तु की कीमत में आनुपातिक परिवर्तन] ()

(b) [माँग की मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन / उपभोक्ता की आय में परिवर्तन]

(c) [X की कीमत में प्रतिशत / परिवर्तन Y की माँ प्रतिशत]

(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।

MCQ Demand the Firm

  1. कीमत प्रत्याशा की लोच का प्रतिपादन किया था –

(a) प्रो० मार्शल ने

(b) प्रो० हिक्स ने ()

(c) प्रो० रॉबिन्सन ने

(d) प्रो० पीगू ने।

  1. जब वस्तु की कीमत में वृद्धि होने पर भी उसकी माँग में कोई कमी नहीं होती है तो वह कहलाती है

(a) लोचदार माँग

(b) बेलोचदार माँग ()

(c) सामान्य माँग आवश्यकता

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रायः की वस्तुओं तथा इसकी आवश्यकताओं की वस्तुओं (Conventional Necessaries) की माँग की लोच होती है:

(a) लोचदार

(b) बेलोचदार ()

(c) अत्यधिक लोचदार

(d) कम लोचदार।

  1. बहुत महँगी और बहुत सस्ती वस्तुओं की माँग होती है –

(a) लोचदार

(b) अत्यधिक लोचदार

(c) बेलोचदार ()

(d) सामान्य।

  1. मूल्य और माँग के बीच प्रायः सम्बन्ध होता है –

(a) ऋणात्मक ()

(b) धनात्मक

(c) ऋणात्मक या धनात्मक

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. माँग की लोच की गणना आनुपातिक रीति द्वारा कीजिए –

Q = 20,000             P1 = ₹10

Q2 = 25,000              P2 = ₹8

(a) 2.5

(b) 1.75

(c) 1.25 ()

(d) 1.00.

  1. 32. माँग की लोच की गणना चाप रीति द्वारा कीजिए –

Q1 = 4000            P1 = ₹20

Q 2 = 5,000P        P1 = ₹ 19

(a) 3.38

(b) 4.33 ()

(c) 4.43

(d) 2.43.

  1. समय कम होने पर वस्तुओं की माँग बेलोचदार हो जाती है यह कथन होगा –

(a) सत्य

(b) असत्य ()

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. वह मूल्य जिसके नीचे जाने पर वस्तु की पूर्ति को पूरी तरह रोक दिया जाता है उसे कहते हैं –

(a) सुरक्षित मूल्य ()

(b) आपूर्ति मूल्य

(c) साम मूल्य

(d) वर्तित मूल्या

  1. पूर्ण तृप्ति बिन्दु पर सीमान्त उपयोगिता –

(a) शून्य होती है ()

(b) ऋणात्मक होती है

(c) घनात्मक होती हैं

(d) अधिकतम होती है।

  1. पूर्ति का नियम केवल स्थैतिक स्थिति बतलाता है यह कथन है –

(a) असत्य

(b) सन्दिग्ध

(c) सत्य ()

(d) इनमें से कोई नही

  1. प्रमुख आर्थिक समस्या होती है –

(a) उपभोक्ता का चुनाव

(b) श्रम का अभाव

(c) अनन्त आवश्यकताएँ एवं सीमित साधन ()

(d) सरकार द्वारा निर्णय।

  1. माँग प्रभावित होती है –

(a) आय में परिवर्तन से

(b) मुद्रा की मात्रा में परिवर्तन से

(c) धन के वितरण में परिवर्तन से

(d) ये सभी| ()

  1. माँग के संकुचन एवं विस्तार से –

(a) माँग वक्र अपरिवर्तित रहता है।

(b) माँग वक्र का ढाल परिवर्तित हो जाता है। ()

(c) माँग वक्र परिवर्तित हो जाता है।

(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।

  1. किस प्रकार की वस्तुओं के मूल्य में कमी होने से माँग में वृद्धि नहीं होती है –

(a) गिफिन वस्तुएँ

(b) आरामदायक वस्तुएँ

(c) प्रतिष्ठारक्षक वस्तुएँ ()

(d) अनिवार्य वस्तुएँ

  1. यदि माँग की आड़ी लोच शून्य है तो ‘एक्स’ और ‘वाई’ वस्तुएँ –

(a) स्थानापन्न होंगी

(b) पूरक होंगी

(c) सम्बन्धित होंगी

(d) सम्बन्धित नहीं होंगी। ()

  1. यदि उपभोक्ता की आय में 1% वृद्धि होती है और परिणामस्वरूप वस्तु की माँग में 5% वृद्धि होती है तो माँग की आय लोच गुणांक होगी –

(a) 1

(b) 1.5

(c) 0 ()

(d) 2.5

  1. बिजली की माँग लोचदार होती है क्योंकि –

(a) यह जीवन के लिए अनिवार्य है

(b) यह काफी महँगी है

(c) यह मिश्रित उपयोग में लाई जाती है। ()

(d) इसके स्थानापन्न उपलब्ध हैं।

  1. एक फर्म 10 इकाइयाँ बेचकर ₹500 का कुल आगम अर्जित करती है। अब वह 11 इकाइयाँ बेचकर ₹540 का कुल आगम अर्जित करती है। ₹40 की अतिरिक्त प्राप्ति है –

(a) औसत आगम

(b) कुल आगम

(c) शुद्ध लाभ

(d) सीमान्त आगम। ()

  1. जो वस्तुएँ एक-दूसरे के स्थान पर प्रयोग की जा सकती हैं वह कहलाती हैं –

(a) स्थानापन्न वस्तुएँ ()

(b) पूरक वस्तुएँ

(c) अनिवार्य वस्तुएँ

(d) महँगी वस्तुएँ

  1. वस्तु के मूल्य में 80% गिरावट से माँग में 100% की वृद्धि होती है तो लोच होगी –

(a) 1.50

(b) 1.25 ()

(c) 1.75

(d) 0.80.

  1. निम्न में से सबसे बेलोचदार माँग किसकी होगी –

(a) सिगरेट

(b) टूथपेस्ट

(c) नमक ()

(d) साबुन।

  1. विज्ञापन व्यय में 15% वृद्धि होने पर माँग 45% बढ़ जाती है तो माँग की लोच होगी –

(a) 1.00

(b) 1.50

(c) 3.00 ()

(d) 3.25

  1. माँग पूर्वानुमान की सांख्यिकीय विधियाँ हैं –

(a) बाह्यगणन व अन्तरागणन

(b) न्यूनतम वर्ग रीति

(c) प्रतीपगमन विश्लेषण

(d) ये सभी। ()

  1. निम्न में से सबसे लोचदार माँग होगी –

(a) कार ()

(b) दूध

(c) नमक

(d) सब्जी ।

MCQ Demand the Firm

  1. माँग की आड़ी लोच के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया था –

(a) प्रो० सैम्युलसन ने

(b) प्रो० मूरे ने ()

(c) प्रो० मार्शल ने

(d) प्रो० पीगू ने।

  1. माँग पूर्वानुमान का उद्देश्य भावी उत्पादन विक्रय, विज्ञापन एवं वितरण कार्यक्रम का आधार तैयार करना है। यह कथन होगा –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. पूर्वानुमान से आशय भावी प्रवृत्तियों का अनुमान लगाना है। यह कथन होगा –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. न्यूनतम वर्ग विधि के अन्तर्गत प्रवृत्ति रेखा कहलाती है –

(a) नियन्त्रण रेखा

(b) सर्वोत्तम अन्वायुक्त रेखा ()

(c) मैग्नीट्यूट रेखा

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. नये उत्पाद की माँग पूर्वानुमान लगाने के लिए कौन-सी विधि उपयुक्त है –

(a) सर्वेक्षण विधि

(b) डेस्ट विपणन विधि ()

(c) विशेषज्ञ राय विधि

(d) इनमें से कोई नही

  1. सीधी रेखा प्रवृत्ति स्थापित की जा सकती है –

(a) y = a + bx ()

(b) x = a + by

(c) y = a + b x

(d) y = a/ bx

  1. क्रेताओं की इच्छाओं का सर्वेक्षण लाभदायक है –

(a) अल्पकालीन पूर्वानुमान के लिए ()

(b) मध्यकालीन पूर्वानुमान के लिए

(c) दीर्घकालीन पूर्वानुमान के लिए

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. किसी व्यक्ति की वस्तुओं तथा सेवाओं को प्रयोग करने का आधार होता है –

(a) व्यय करने की क्षमता

(b) आय क्षमता ()

(c) इच्छा शक्ति

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. माँग की लोच का सिद्धान्त का प्रतिपादन किया है –

(a) प्रो० मार्शल ने ()

(b) प्रो० रॉबिन्सन ने

(c) प्रो० पीगू ने

(d) प्रो० सैम्युलसन ने।

  1. “विक्रय पूर्वानुमान एकीकृत नियोजन का केन्द्र है।” यह परिभाषा दी है –

(a) फिलिप कोटलर ने

(b) रेमण्ड विलस ने

(c) विलियम लेजर ने ()

(d) लुइस ए० ऐलन ने।

  1. “माँग पूर्वानुमान का आशय भावी बाजारों में अपनी फर्म के भाग का पूर्व निर्धारण से होता है“। यह परिभाषा दी है –

(a) रेमण्ड विलस ने ()

(b) लुइस ए० ऐलन ने

(c) फिलिप कोटलर ने

(d) विलियम लेजर ने।

  1. अवसर लागत को निम्न नाम से भी जाना जाता है –

(a) त्याग लागत

(b) वैकल्पिक लागत

(c) हस्तान्तरण लागत

(d) ये सभी। ()

  1. सामान्य वस्तुओं हेतु माँग का नियम वस्तु की कीमत एवं वस्तु की माँग के मध्य –

(a) प्रत्यक्ष सम्बन्ध को व्यक्त करता है।

(b) अप्रत्यक्ष सम्बन्ध को व्यक्त करता है

(c) विपरीत सम्बन्ध को व्यक्त करता है ()

(d) उपर्युक्त में से कोई नहीं।

  1. रॉबिन्सन के अनुसार अर्थशास्त्र होता है –

(a) वास्तविक विज्ञान ()

(b) आदर्श विज्ञानं

(c) कला व विज्ञान

(d) सामान्य विज्ञानं

  1. रेलवे की मूल्य नीति है –

(a) एकाधिकार

(b) विभेदात्मक ()

(c) पूर्ण सरल

(d) सरल

  1. स्थानापन्न वस्तुएँ होती हैं –

(a) चाय की जगह कॉफी

(b) रोटी की जगह चावल

(c) देशी घी की जगह मक्खन

(d) ये सभी। ()

  1. स्थानापन्न वस्तुओं का माँग वक्र होता है –

(a) ऋणात्मक

(b) धनात्मक ()

(c) (a) व (b) दोनों

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. पूरक वस्तु कहलाती है –

(a) डबलरोटी व मक्खन

(b) बैट व बॉल

(c) चाय व दूध

(d) ये सभी। ()

  1. श्रेष्ठ वस्तुओं की दशा में आय माँग वक्र का ढाल होता है –

(a) ऋणात्मक

(b) धनात्मक ()

(c) (a) व (b) दोनों

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. माँग तालिका का चित्रण करना माँग वक्र कहलाता है। यह परिभाषा दी है –

(a) प्रो० हिक्स ने

(b) प्रो० पीगू ने

(c) प्रो० सैम्युलसन ने ()

(d) प्रो० बेनहम ने।

  1. मूल्य में कोई भी वृद्धि मूल्य की मात्रा को कम कर देगी। यह विचार है –

(a) प्रो० हिक्स का

(b) प्रो० बेनहम का ()

(c) प्रो० सैम्युलसन का

(d) प्रो० पीगू का।

  1. माँग के नियम की मान्यताएँ हैं –

(a) लोगों की आय समान रहनी चाहिए।

(b) वस्तु की कोई स्थानापन्न वस्तु न हो।

(c) वस्तुओं के मूल्य यथावत हों

(d) ये सभी। ()

  1. माँग और मूल्य के बीच गहरा सम्बन्ध कहलाता है –

(a) माँग का नियम ()

(b) वृद्धि नियम

(c) उत्पत्ति ह्रास नियम

(d) उत्पादन फलना

  1. माँग की मात्रा मूल्य में कमी के साथ बढ़ती है और मूल्य में वृद्धि के साथ घटती है। यह विचारधारा है

(a) प्रो० रॉबिन्सन की

(b) प्रो० मार्शल की ()

(c) प्रो० पीगू की

(d) प्रो० बोल्डिंग की।

  1. टिकाऊ वस्तु की माँग में सम्मिलित होती है –

(a) रेफ्रिजरेटर

(b) कार

(c) मशीन

(d) ये सभी। ()

MCQ Demand the Firm

  1. नाशवान वस्तुएँ कहलाती हैं –

(a) मिठाइयाँ

(b) रोटियाँ

(c) दूध

(d) ये सभी| ()

  1. भावी विक्रय का प्रक्षेपण (Projection) ही माँग पूर्वानुमान कहलाता है। यह कथन है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्दिग्ध

(d) ये सभी।

  1. न्यूनतम वर्ग रीति से उपनति के माप की विधियाँ होती हैं –

(a) प्रत्यक्ष विधि

(b) अप्रत्यक्ष या लघु विधि

(c) (a) व (b) दोनों ()

(d) ये सभी।

  1. पूर्ति का नियम एक परिमाणात्मक कथन है, न कि एक गुणात्मक कथन। यह कथन है –

(a) सत्य

(b) असत्य ()

(c) सन्दिग्ध

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. वस्तु की एक अतिरिक्त इकाई के विक्रय से कुल आगम में जो वृद्धि होती है उसे कहते हैं –

(a) स्थिर आगम

(b) सीमान्त आगम ()

(c) परिवर्तनशील आगम

(d) कुल आगम

  1. रेफ्रिजरेटर का मूल्य 200 रुपये घट जाता है लेकिन माँग यथावत बनी रहती है, यह कहलाती है –

(a) माँग की कीमत लोच ()

(b) माँग की आड़ी लोच

(c) माँग की आय लोच

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. एक उपभोक्ता की आय 20% बढ़ जाती है और उसके फलों की माँग 50% बढ़ जाती है, यह कहलाती है –

(a) माँग की आड़ी लोच

(b) माँग की आय लोच ()

(c) माँग की कीमत लोच

(d) इनमें से कोई नही|

  1. “अर्थशास्त्री के लिए उपयोगिता आवश्यकताओं को सन्तुष्ट करने की क्षमता है।” यह परिभाषा दी है –

(a) प्रो० बाघ ने ()

(b) प्रो० एडवर्ड नोबिन ने

(c) डॉ० जॉनसन ने

(d) प्रो० हैजबर्ग ने।

  1. उपयोगिता मापन की विचारधाराएँ हैं –

(a) गणवाचक विचारधारा

(b) क्रमवाचक विचारधारा

(c) (a) व (b) दोनों ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. तटस्थता वक्र रेखाओं के विचार को विकसित किया था –

(a) ऐलन ने

(b) हिक्स ने

(c) ऐलन और हिक्त दोनों ने ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. तटस्थता वक्र का दूसरा नाम है –

(a) समान सन्तुष्टि रेखा ()

(b) उपभोक्ता सन्तुष्टि रेखा

(c) तटस्थता सन्तुष्टि रेखा

(d) ये सभी।

  1. “दो वस्तुओं के ऐसे विभिन्न संयोगों को बताती है जिनसे कि किसी व्यक्ति को समान सन्तोष प्राप्त होता है।” यह परिभाषा दी है –

(a) मेयर्स ने ()

(b) हिक्स ने

(c) ऐलन ने

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. “उदासीनता वक्रों का उपयोग दो विकल्पों के बीच, यदि वे केवल दो हों, किसी व्यक्ति के अनुराग अधिमान का चित्रण करने के लिए किया जा सकता है।” यह परिभाषा दी है –

(a) प्रो० सैम्युलसन ने

(b) प्रो० हिक्स ने

(c) प्रो० बेनहम ने ()

(d) प्रो० पीगू ने।

  1. प्रकट अधिमान सिद्धान्त का प्रतिपादन किया था –

(a) प्रो० सैम्युलसन ने ()

(b) प्रो० बेनहम ने

(c) प्रो० हिक्स ने

(d) प्रो० टॉमस ने।

  1. प्रकट अधिमान सिद्धान्त को व्यवहारवादी क्रमवाचक उपयोगिता सिद्धान्त कहकर किसने पुकारा था –

(a) प्रो० हिक्स ने

(b) प्रो० टी० मजूमदार ने ()

(c) प्रो० सैम्युलसन ने

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. “अर्थशास्त्री के लिए उपयोगिता का अर्थ उस सन्तुष्टि या आनन्द या लाभ से है, जो किसी व्यक्ति को धन या सम्पत्ति के उपभोग से प्राप्त होता है।” यह परिभाषा दी है –

(a) मार्शल ने

(b) राबिन्सन ने

(c) सैम्युअल सन ने

(d) एडवर्ड नोबिन ने। ()

  1. उपयोगिता को द्रव्य के माध्यम से मापने की बात किस अर्थशास्त्री द्वारा की गई थी –

(a) प्रो० मार्शल ()

(b) प्रोन्पीगू

(c) प्रो० हिक्स

(d) प्रो० रॉबिन्सन

  1. यदि उपभोक्ता की आय में गिरावट आती है तो –

(a) सामान्य वस्तुओं की माँग में वृद्धि होगी

(b) घटिया सामान की बिक्री में वृद्धि होगी

(c) स्थानापन्न माल की बिक्री में वृद्धि होगी

(d) पूरक वस्तुओं की माँग में वृद्धि होगी।

  1. प्रो० फिशर ने उपयोगिता की माप के लिए किस शब्द का उपयोग किया है –

(a) यूटिल (इकाई) ()

(b) टन

(c) क्विन्टल

(d) किलोग्राम |

  1. जब तक किसी उपभोक्ता को वस्तु के उपभोग से सन्तुष्टि प्राप्त होती रहती है वह कहलाती है –

(a) धनात्मक सीमान्त उपयोगिता

(b) ऋणात्मक सीमान्त उपयोगिता

(c) शून्य सीमान्त उपयोगिता

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. यदि कोई फर्म अपनी कीमत 10% बढ़ाती है और कुल राजस्व स्थिर रहता है, तो

(a) इसके उत्पादन की माँग की कीमत लोच एकात्मक हैं।

(b) सीमान्त राजस्व शून्य के बराबर है

(c) माँग की मात्रा में 10% की कमी आई है।

(d) उपर्युक्त सभी। ()

  1. राजस्व और लागत के बीच अन्तर को कहा जाता है –

(a) मजदूरी

(b) लाभ

(c) उत्पादन ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. एक ही उद्योग में फर्मों द्वारा उत्पादित दो विभेदित वस्तुओं के बीच माँग का क्रॉस मूल्य होगा –

(a) नकारात्मक और बड़ा

(b) नकारात्मक और छोटा

(c) सकरात्मक और बड़ा ()

(d) सकरात्मक और छोटा।

  1. एक कमोडिटी के उत्पादन में उपयोग किए जाने वाले इनपुट के लिए एक फर्म द्वारा माँग जोकि फर्म बीड़ी के लिए पेश करती है –

(a) एक व्युत्पन्न माँग कहा जाता है

(b) सीधे वस्तु की माँग से सम्बन्धित है

(c) नकारात्मक रूप से ढला हुआ है

(d) ये सभी। ()

  1. वह प्रक्रिया जिसके द्वारा इनपुट ‘आउटपुट’ में तब्दील हो जाते है –

(a) उत्पादन ()

(b) उत्पादकता

(c) विनिर्माण

(d) उपरोक्त में से कोई नहीं।

MCQ Demand the Firm

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