MCQ of Market and Pricing Managerial Economics

MCQ of Market and Pricing Managerial Economics

MCQ of Market and Pricing Managerial Economics

MCQ of Market and Pricing Managerial Economics:- In this post, we have provided MCQs (Multiple Choice Questions) for MCom 2nd Year Managerial Economics for you, each MCQ has their answers below so that it is very easy for you to read it. Do share this post with your friends. 100 questions are available in this post. MCQ Market and Pricing

Marketing and Pricing Managerial Economics

  1. फर्म का साम्य होता है जब –

(a) MR = AR

(b) AR = MC

(c) MC = MR ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. ” अर्थशास्त्र में बाजार का अर्थ क्रेताओं तथा विक्रेताओं के बीच किसी साधन या वस्तु के लेन-देनों का जाल सूत्र है।” यह परिभाषा दी है –

(a) स्टोनियर एवं हैंग ने

(b) केअरन क्रॉस ने ()

(c) मार्शल ने

(d) बेनहम ने।

  1. “किसी वस्तु का सामान्य मूल्य वह है जो बाजार की आर्थिक शक्तियाँ अन्ततोगत्वा निश्चित करती हैं। यह परिभाषा दी है –

(a) प्रो० मार्शल ने ()

(b) प्रो० पीगू ने

(c) प्रो० स्टिगलर ने

(d) प्रो० रॉबिन्सन ने।

  1. ‘बाजार मूल्य समय की उस अवधि के अन्तर्गत निर्धारित मूल्य को कहते हैं जिसमें उस वस्तु की पूर्ति स्थिर रहती है।” यह परिभाषा दी है –

(a) प्रो० मार्शल ने

(b) स्टिगलर ने ()

(c) प्रो० हिक्स ने

(d) प्रो० चेम्बरलिन ने।

  1. अति अल्पकाल में मूल्य निर्धारण में सशक्त भूमिका होती है –

(a) पूर्ति की

(b) माँग की ()

(c) दोनों (a) व (b)

(d) इनमें से कोई नहीं। है।

  1. ……… वस्तु के मूल्य की न्यूनतम सीमा है|

(a) परिवर्तनशील लागत

(b) सीमान्त लागत ()

(c) स्थिर लागत

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. अति अल्पकालीन साम्य मूल्य को ……….. मूल्य भी कहते है|

(a) बाजार ()

(b) आरक्षित

(c) सामान्य मूल्य भी कहते हैं।

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. ……… साम्य मूल्य को सामान्य मूल्य भी कहते हैं।

(a) दीर्घकालीन ()

(b) अल्पकालीन

(c) दोनों (a) व (b)

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. वस्तु का मूल्य उसकी सीमान्त उपयोगिता के बराबर होता है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्देहात्मक

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. पूर्ण प्रतियोगिता में उत्पादन की माँग हो जाती है –

(a) लोचदार

(b) बेलोचदार

(c) पूर्णत: लोचदार ()

(d) कम लोचदार।

  1. अल्पाधिकार किस बाजार की एक किस्म है –

(a) एकाधिकार

(b) पूर्ण प्रतियोगिता

(c) एकाधिकारी प्रतियोगिता

(d) अपूर्ण प्रतियोगिता। ()

  1. अपूर्ण प्रतियोगिता का विचार किसने प्रस्तुत किया था –

(a) चैम्बरलिन ने

(b) श्रीमती जोन रोबिन्सन ने ()

(c) कैल्डर ने

(d) प्रो० पींगू ने।

  1. विक्रय मूल्य में कमी होने से क्या प्रभावित होगा –

(a) अंशदान

(b) सम-विच्छेद बिन्दु

(c) सुरक्षा सीमा

(d) ये सभी। ()

  1. पूर्ण प्रतियोगिता की स्थिति में होता है –

(a) MW = AW

(b) MW > AQ ()

(c) MW < AW

(d) AW = AR

  1. यदि साधन बाजार में पूर्ण प्रतियोगिता विद्यमान हो तो एक फर्म की साम्य की स्थिति में –

(a) AFC = MFC

(b) MFC = MRP = AFC ()

(c) MRP = MFC

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. लाभ का जोखिम सिद्धान्त प्रतिपादित किया गया –

(a) हॉले द्वारा ()

(b) बालरस द्वारा

(c) शुम्पीटर द्वारा

(d) पीगू द्वारा।

  1. कौन-सी दशा पूर्ण प्रतियोगिता में नहीं पाई जाती है –

(a) वस्तु विभेद ()

(b) बाजार दशाओं का पूर्ण ज्ञान

(c) साधनों की पूर्ण गतिशीलता

(d) क्रेताओं तथा विक्रेताओं की अधिक संख्या।

  1. एकाधिकारी सन्तुलन की स्थिति में –

(a) AR> MR

(b) AR<MR ()

(c) AR = MR

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. वस्तु की कीमत निर्धारित होती है –

(a) वस्तु की पूर्ति से

(b) वस्तु की माँग से

(c) वस्तु की माँग व पूर्ति से ()

(d) वस्तु के उत्पादन से।

  1. पूर्ण प्रतियोगिता की दशा में कीमत का निर्धारण किया जाता है –

(a) सरकार द्वारा

(b) फर्म द्वारा

(c) उद्योग द्वारा ()

(d) बाजार द्वारा।

  1. क्रेताओं तथा विक्रेताओं की कम संख्या किस प्रकार के बाजार में होती है –

(a) अपूर्ण प्रतियोगिता

(b) एकाधिकारात्मक प्रतियोगिता ()

(c) पूर्ण प्रतियोगिता

(d) एकाधिकार।

  1. क्रेताओं तथा विक्रेताओं की अधिक संख्या किस प्रकार के बाजार में होती है –

(a) पूर्ण प्रतियोगिता ()

(b) एकाधिकार

(c) पूर्ण प्रतियोगिता

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. कीमत विभेद उत्पादक किस बाजार में अपना सकता है –

(a) पूर्ण प्रतियोगिता

(b) एकाधिकार ()

(c) अल्पाधिकार

(d) अपूर्ण प्रतियोगिता।

  1. कौन-सा बाजार अपूर्ण प्रतियोगिता बाजार नहीं है –

(a) द्विपक्षीय एकाधिकार ()

(b) अल्पाधिकार

(c) एकाधिकार

(d) पूर्ण प्रतियोगिता

  1. चैम्बरलिन के अनुसार विशुद्ध प्रतियोगिता में कौन-सा घटक नहीं पाया जाता –

(a) वस्तु की एकरूपता

(b) क्रेताओं तथा विक्रेताओं की कम संख्या

(c) बाजार का पूर्ण ज्ञान ()

(d) उद्योग के फर्मों का स्वतन्त्र प्रवेश एवं बहिर्गमन

MCQ Market and Pricing

  1. पूर्ण प्रतियोगिता बाजार की है।

(a) घटक

(b) वस्तु

(c) स्थिति ()

(d) कारक|

  1. किस स्थिति में विक्रेताओं की संख्या दो होती है –

(a) पूर्ण प्रतियोगिता

(b) एकाधिकार

(c) द्वि-अधिकार ()

(d) ये सभी।

  1. पूर्ण प्रतियोगिता में बाजार की स्थिति का सम्बन्ध होता है –

(a) कीमत से

(b) समरूप वस्तुएँ से ()

(c) रूकावट से

(d) स्वतन्त्र से।

  1. पूर्ण प्रतियोगिता फर्म निश्चित करती है –

(a) केवल उत्पादन इकाइयाँ

(b) कीमत निर्धारण

(c) कीमत व उत्पादन इकाइयाँ

(d) इनमें से कोई नहीं। ()

  1. विदेशी बाजार में अपने माल को लागत मूल्य से भी कम पर बेचना कहलाता है –

(a) निर्यात

(b) सीमान्त मूल्य

(c) राशिपतन ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. जब बाजार मूल्य सीमान्त लागत से भी कम हो जाता है तो व्यापारी को….. करना चाहिए।

(a) व्यवसाय को थोड़े समय के लिए बन्द ()

(b) व्यवसाय को बेच देना

(c) व्यवसाय में उत्पादन कम कर देना

(d) ये सभी।

  1. दिन के समय टेलीफोन की दरें रात या सप्ताहान्त की दरों से अधिक रखना….. मूल्य निर्धारण नीति कहलाती है।

(a) निर्यात

(b) उच्चतम भार ()

(c) प्रचलित मूल्यानुसार

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. किसी वस्तु या सेवा का मूल्य सामान्य मूल्य से कम चार्ज करना ही ……… कहलाता है|

(a) प्रचलित कटौती मूल्य

(b) उच्चतम भार

(c) प्रोत्साहित मूल्य ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रोत्साहन मूल्य निर्धारण का प्रमुख उद्देश्य होता है –

(a) प्रतिद्वन्द्वी का सामना करना

(b) स्कन्ध बाहुल्यता की स्थिति दूर करना

(c) बाजार में प्रवेश करके अपने उत्पाद की पहचान बनाना

(d) उपर्युक्त सभी। ()

  1. सीमान्त लागत मूल्य निर्धारण किया जाता है –

(a) व्यापारिक मन्दी के समय

(b) माँग में मौसमी उच्चावचन

(c) प्रतियोगी बाजार का सामना करते समय

(d) ये सभी। ()

  1. अवनति की अवस्था में कौन-सी मूल्य नीति अपनाई जाती है –

(a) मूल्य नीति

(b) मूल्य विभेद नीति

(c) (a) व (b) दोनों ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रतियोगात्मक अध:पतन चक्र (Cycle of Competitive Degeneration) की संज्ञा किसने दी थी

(a) सैवेज और स्माल ने

(b) जोलन्डीन ने ()

(c) फिलिप कोटलर ने

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. जब उत्पाद की बिक्री नाम मात्र की रह जाती है तो वह कहलाती है –

(a) अप्रचलन ()

(b) आपूर्ति में कमी

(c) माँग में कमी

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. जनोपयोगी सेवाएँ कहलाती हैं –

(a) परिवहन सेवाएँ

(b) बिजली सेवाएँ

(c) पानी सेवाएँ

(d) ये सभी| ()

  1. जनोपयोगी सेवाओं में मूल्य निर्धारण में पद्धति उपयोगी होती है –

(a) परम्परागत मूल्य नीति

(b) लागत-धन मूल्य निर्धारण नीति ()

(c) सीमान्त लागत मूल्य निर्धारण नीति

(d) ये सभी।

  1. एक फर्म के अन्तर्गत उसके एक विभाग से दूसरे विभाग को हस्तान्तरित किए गए माल का मूल्य निर्धारित करना कहलाता है

(a) हस्तान्तरण मूल्य निर्धारण ()

(b) सीमान्त लागत मूल्य निर्धारण

(c) मूल्य निर्धारण

(d) लागत बन्धन मूल्य निर्धारण।

  1. हस्तान्तरण मूल्य निर्धारण के आधार होते हैं –

(a) लागत आधार

(b) लागत धन आधार

(c) बाजार मूल्य आधार

(d) ये सभी। ()

  1. स्थानान्तरण मूल्य की विधियाँ कहलाती हैं –

(a) दोहरा मूल्य विधि

(b) बाजार मूल्य विधि

(c) आपसी मोल-भाव विधि

(d) ये सभी। ()

  1. क्रेता एवं विक्रेता आपस में मिलकर मोल-भाव करके मूल्य तय करते हैं इस विधि को कहते है –

(a) आपसी मोल-भाव विधि ()

(b) सौदेबाजी विधि

(c) अवसर लागत विधि

(d) ये सभी।

  1. एक अच्छी हस्तान्तरण मूल्य निर्धारण विधि की विशेषता होती है –

(a) उच्च प्रबन्ध का हस्तक्षेप के बिना आपसी मतभेदों का निपटारा

(b) आपूर्तिकर्ता सम्भाग व प्राप्तकर्त्ता सम्भाग में आपसी तालमेल होना चाहिए

(c) प्रत्येक विभागों के लाभों के हितों का ध्यान रखना चाहिए।

(d) उपर्युक्त सभी। ()

  1. दोहरा मूल्य विधि, विक्रय विभाग को प्रेरित एवं प्रोत्साहित करती है। यह कथन है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्देहात्मक

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. बाजार मूल्य अवसर लागत की अवधारणा पर आधारित होता है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्देहात्मक

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रमाप लागत विधि में क्रेता का जोखिम कम हो जाता है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्देहात्मक

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. मकड़ीजाला सिद्धान्त केवल लागू होता है –

(a) उद्योगों पर

(b) निर्माणी संस्थाओं पर

(c) कृषि क्षेत्र में ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. शुम्पीटर का सिद्धान्त इस अवधारणा पर आधारित है कि प्रत्येक नवप्रवर्तन का बैंक द्वारा ही वित्त पोषण किया जाता है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्देहात्मक

(d) इनमें से कोई नहीं।

MCQ Market and Pricing

  1. स्थानान्तरण मूल्य की विधियाँ होती हैं –

(a) दोहरा मूल्य विधि

(b) आपसी मोल-भाव विधि

(c) बाजार मूल्य विधि

(d) ये सभी। ()

  1. चालू दर मूल्य निर्धारण में महत्त्व दिया जाता है –

(a) लागत पर

(b) बाजार पर ()

(c) जोखिम पर

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. “व्यापार चक्रों की व्युत्पत्ति में बैंक केवल गौण भूमिका निभाते हैं।”

(a) प्रो० हाट्रे का

(b) प्रो० सेयर्स का ()

(c) प्रो० सैम्युलसन का

(d) प्रो० कीन्स का।

  1. “एक निश्चित अवधि के लिए मूल्य सम्बन्धी निर्णयों को ही मूल्य नीति कहा जाता है।” यह कथन है –

(a) प्रो० कन्वर्स का ()

(b) प्रो० हाट्रे का

(c) प्रो० बेनहम का

(d) प्रो० फिलिप कोटलर का।

  1. “पूर्ति पर विक्रेता का नियन्त्रण होना ही एकाधिकारी बाजार की स्थिति के निर्माण के लिए, काफी है”। यह परिभाषा दी है –

(a) प्रो० लर्नर ने

(b) प्रो० चैम्बरलिन ने ()

(c) प्रो० पीयू ने

(d) प्रो० बोल्डिंग ने।

  1. “मूल्य निर्धारण में क्रेताओं तथा विक्रेताओं के अलावा प्रतिद्वन्द्वियों बिचौलियों तथा सरकार की भूमिका रहती है।” यह कथन है –

(a) प्रो० ओक्सेन्फेल्ट का ()

(b) प्रो० बेनहम का

(c) प्रो० मार्शल का

(d) प्रो० फिलिप कोटलर का।

  1. जनोपयोगी मूल्य लागू नहीं होता है –

(a) बिजली सेवाओं पर

(b) निजी विमान सेवाओं पर ()

(c) परिवहन सेवाओं पर

(d) जन औषधि केन्द्र पर

  1. भेद मूल्य वह नीची कीमत है जोकि प्रारम्भ से ही बाजार में घुसपैठ करने के लिए एक सक्रिय एजेण्ट का काम करती है। यह कथन है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्देहात्मक

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. विक्रेता द्वारा विभिन्न क्रेताओं को अलग-अलग मूल्य पर माल का विक्रय कहलाता है

(a) विभेदात्मक मूल्य ()

(b) दोहरा मूल्य-नीति

(c) हस्तान्तरण-मूल्य

(d) ये सभी।

  1. भारत में साइकिल बाजार कहलाता है –

(a) अल्पाधिकार ()

(b) एकाधिकार

(c) पूर्ण प्रतियोगिता

(d) अपूर्ण प्रतियोगिता।

  1. “एकाधिकार की सफलता की कुंजी उत्पादन का संकुचन है।” यह कथन है –

(a) प्रो० चैम्बरलिन का

(b) प्रो० बेनहम का ()

(c) प्रो० मार्शल का

(d) प्रो० वाटसन का।

  1. ‘एकाधिकारी का तात्पर्य उस विक्रेता से है जिसकी वस्तु का माँग वक्र गिरता हुआ –

(a) प्रो० ए०पी० लर्नर का ()

(b) प्रो० हैण्डरसन एवं क्वाईट का

(c) प्रो० बेनहम का

(d) प्रो० चैम्बरलिन का।

  1. एक एकाधिकारी निश्चित कर सकता है –

(a) या तो कीमत या उत्पादन मात्रा ()

(b) केवल उत्पादन मात्रा

(c) केवल कीमत

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. “Towards a More General Theory of Value” नामक पुस्तक के लेखक हैं –

(a) प्रो० चैम्बरलिन ()

(b) प्रो० पीयू

(c) प्रो० बेनहम

(d) प्रो० वाटसन।

  1. “The Theory of Monopolistic Competition” पुस्तक के लेखक हैं –

(a) प्रो० रॉबर्ट ट्रिफिन

(b) प्रो० चैम्बरलिन ()

(c) प्रो० सैम्युलसन

(d) प्रो० कैल्डोर।

  1. “Monopolistic Competition and General Equilibrium Theory” पुस्तक के लेखक हैं –

(a) रॉबर्ट ट्रिफिन ()

(b) प्रो० स्नाफा

(c) जान रॉबिन्सन

(d) प्रो० कैल्डोर।

  1. “Economics of Imperfect Competition” यह कथन है –

(a) प्रो० चैम्बरलिन का

(b) प्रो० सैम्युलसन का

(c) श्रीमती रोबिन्सन का ()

(d) प्रो० हिक्स का।

  1. प्रो० कुर्नो किस देश के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री हैं –

(a) फ्रांस ()

(b) अमेरिका

(c) रूस

(d) जापान।

  1. जब बाजार में वस्तु विक्रेता कम संख्या में मौजूद हो तो वह स्थिति कहलाती है –

(a) द्वियाधिकार

(b) एकाधिकार

(c) अल्पाधिकार

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. लाभ परिवर्तनों का परिणाम है। यह कथन है –

(a) प्रो० जे०बी० क्लार्क का ()

(b) प्रो० कैल्डोर का

(c) प्रो० हिक्स का

(d) प्रो० सैम्युलसन का।

  1. “क्रय शक्ति की मात्रा में असाधारण वृद्धि ही मुद्रास्फीति है।” यह कथन है –

(a) ग्रेगरी का ()

(b) पीगू का

(c) क्राउथर का

(d) पॉल इंजिग का।

  1. हस्तान्तरण मूल्य निर्धारण के उद्देश्य हैं –

(a) एक विकेन्द्रित संगठन में निर्णयन में सुधार लाना

(b) कर भार को कम करना

(c) संस्था के लाभों में वृद्धि करना

(d) उपर्युक्त सभी। ()

  1. किस मूल्य को एक अच्छे मूल्य पर, लागत आधारित हस्तान्तरण मूल्य के माध्यम से स्थानान्तरित करते हैं –

(a) बाजार मूल्य

(b) मोल-भाव मूल्य ()

(c) इकाई लागत मूल्य

(d) ये सभी।

  1. हस्तान्तरण मूल्य निर्धारण का उद्देश्य संगठन के उत्तरदायित्व केन्द्रों के निष्पादन का सही मूल्यांकन सम्भव बनाना होता है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्देहात्मक

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. हस्तान्तरण मूल्य की गणना के आधार होते हैं –

(a) लागत आधार

(b) लागत

(c) बाजार मूल्य आधार

(d) ये सभी। ()

MCQ Market and Pricing

  1. पूरक वस्तुओं की दशा में मूल्य निर्धारण होता है –

(a) एक वस्तु का मूल्य कम होने पर दूसरी वस्तु के मूल्य में वृद्धि करना

(b) दोनों वस्तुओं के मूल्य में समान रूप से कमी या वृद्धि करना

(c) एक वस्तु का मूल्य में वृद्धि होने पर दूसरी वस्तु के मूल्य में वृद्धि करना

(d) उपर्युक्त सभी। ()

  1. “एक वस्तु खरीदिए, दूसरी मुफ्त” (Buy one and get one free) कौन-सा विक्रय कहलाता है

(a) मुफ्त विक्रय

(b) प्रतिबद्ध विक्रय ()

(c) प्रतिद्वन्द्वी विक्रय

(d) ये सभी।

  1. क्रेता और विक्रेता सम्भागों के बीच माल या सेवा तय होती तो वह कहलाती है –

(a) मोल-भाव आधारित मूल्य ()

(b) बाजार मूल्य

(c) लागत आधार मूल्य

(d) ये सभी।

  1. “उत्पाद मात्रा मूल्य निर्धारण की समस्या किसी एक उत्पाद समूह के सदस्यों की कीमतों के बीच उचित सम्बन्ध ज्ञात करना है।” यह कथन है –

(a) प्रो० जोलान्डीन का ()

(b) प्रो० वाटसन का

(c) प्रो० बेनहम का

(d) प्रो० वार्नर का।

  1. बाजार अवधि में पूर्ति रेखा सरल खड़ी रेखा होती है। यह कथन है –

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्देहात्मक

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. वस्तु का न्यूनतम मूल्य उसकी सीमान्त उत्पादन लागत के आधार पर निर्धारित किया जाता है

(a) सत्य ()

(b) असत्य

(c) सन्देहात्मक

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. सीमान्त लागतों के सर्वाधिक समीप होती है –

(a) स्थायी लागत

(b) परिवर्तनशील लागत ()

(c) कुल लागत

(d) ये सभी।

  1. ‘बाजार शब्द का अर्थ उस स्थिति से लिया जाता है जिसमें एक वस्तु की माँग उस स्थान पर हो जहाँ उसे बेचने के लिए प्रस्तुत किया जाये। यह परिभाषा दी हैं –

(a) प्रो० जेवन्स ने

(b) प्रो० जे० के० मेहता ने ()

(c) प्रो० कुनों ने

(d) प्रो० पीगू ने।

  1. बाजार के लिए सबसे अनिवार्य है –

(a) क्रेताओं का होना

(b) विक्रेताओं का होना

(c) (a) व (b) दोनों ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. प्रतियोगिता अथवा परिस्थितियों के अनुसार बाजार का वर्गीकरण होता है –

(a) पूर्ण प्रतियोगिता बाजार

(b) अपूर्ण प्रतियोगिता बाजार

(c) एकाधिकार बाजार

(d) ये सभी। ()

  1. अन्तर्राष्ट्रीय बाजार से सम्बन्धित वस्तुएँ हैं –

(a) सोना

(b) स्टील

(c) चावल ()

(d) ये सभी।

  1. बाजार में क्रेताओं तथा विक्रेताओं के मध्य एक स्वतन्त्र प्रतियोगिता पाई जाती है। यह कथन है –

(a) सत्य

(b) असत्य

(c) सन्देहात्मक

(d) ये सभी।

  1. बाजार संरचना से आशय किसी वस्तु या सेवा के लिए बाजार में क्रताओं तथा विक्रेताओं की संख्या और वितरण आकार से है। यह परिभाषा दी है –

(a) प्रो० पीगू ने

(b) पापास तथा हिरशे ने ()

(c) प्रो० जे० के० मेहता ने

(d) प्रो० सैमूयूअसन ने।

  1. द्वयाधिकार बाजार में केवल …… विक्रेता होते हैं।

(a) दो ()

(b) तीन

(c) एक

(d) चार|

MCQ Market and Pricing

  1. व्यावसायिक निर्णय निर्भर करते हैं –

(a) फर्म के उद्देश्यों पर

(b) निर्णयन लेने वाले व्यक्ति की निर्णयन क्षमता पर

(c) प्रचलित परिस्थितियों पर

(d) उपरोक्त सभी पर। ()

  1. ताजी हरी सब्जियों का बाजार कहलाता है –

(a) दीर्घकालीन बाजार

(b) अति दीर्घकालीन बाजार

(c) अति अल्पकालीन बाजार ()

(d) एकाधिकार बाजार।

  1. बाजार मूल्य निर्माण मूल्य की और अग्रसारित होता है। यह कथन है –

(a) सत्य

(b) असत्य ()

(c) सन्देहात्मक

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. मूल्य सिद्धान्त के महत्त्व की व्याख्या सर्वप्रथम किस अर्थशास्त्री द्वारा की गई थी –

(a) प्रो० रॉबिन्सन

(b) प्रो० एडम स्मिथ

(c) प्रो० मार्शल ()

(d) प्रो० पीगू

  1. विक्रेता द्वारा अपनी वस्तु का मूल्य निर्धारण कहलाता है –

(a) न्यूनतम मूल्य

(b) सुरक्षित मूल्य

(c) (a) व (b) दोनों ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. सामान्य मूल्य ……. में दीर्घकाल में निर्धारित होता है।

(a) पूर्ण प्रतियोगिता बाजार

(b) एकाधिकार बाजार

(c) पूर्ण प्रतियोगिता बाजार

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. अति अल्पकालीन बाजार को कहते हैं –

(a) दैनिक बाजार ()

(b) स्थानीय बाजार

(c) पैंठ बाजार

(d) ग्रामीण बाजार।

  1. आधुनिक युग में वस्तुओं और सेवाओं का क्रय-विक्रय का बाजार कहलाता है –

(a) ई-बाजार

(b) डिजिटल बाजार

(c) (a) व (b) दोनों ()

(d) इनमें से कोई नहीं।

  1. बाजार मूल्य पूर्ण प्रतियोगिता में में निर्धारित होता है।

(a) अल्पकाल ()

(b) दीर्घकाल

(c) अति दीर्घकाल

(d) अति अल्पकाल

  1. ‘Business Behaviour, Value and Growth’ नामक पुस्तक लेखक थे

(a) प्रो० जे० के० मेहता

(b) प्रो० बामोल ()

(c) प्रो० माल्थस

(d) प्रो० रिचर्डसन

  1. प्रबन्धकीय विवेक का सिद्धान्त किसने प्रतिपादित किया था –

(a) प्रो० माल्यस ने

(b) प्रो० राबिन्सन ने

(c) प्रो० मार्शल ने ()

(d) प्रो० एडमस्मिथ ने।

 

MCQ Market and Pricing

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